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Monday, 20 October 2014

जब कोई पत्ता

जब कोई पत्ता पेड़ से जुदा होता है
आँख से कोई आँसू निकलता है
शबनम भी रोती है फूलों पे
एक अजीब सा गम
चारो ओर छाया है 

Thursday, 17 April 2014

दरवाजे पे

 मैने दरवाजे पे अपने
कब यह लिखा था
दस्तक मत देना
आवाज़ भी ना देना
मैने तो तुमसे यही कहा था
दरवाज़ा खुला रहेगा
बस तुम्हारा इंतेज़ार है

Tuesday, 4 February 2014

यह किसने जाना है

यह किसने जाना है
जान ना पाया है कोई
हर कोई अंजाना है
आया है तू कहा से
कहाँ तुझे अब जाना है

Friday, 22 November 2013

मैं एक सी.डी

मैं एक सी.डी
मैं एक सी.डी और मेरी बहिन एक डी. वी. डी
जब से मार्केट में आईं हैं
सुना है तुमने खुशी बहुत मनाई है
हम हैं सुनहरी और रूपहली
जब गोल गोल हम चलतीं हैं
तो कभी जानकारी तो
कभी फिल्में और कभी
गानों की ध्वनि हम से निकलती है

Wednesday, 23 October 2013

मैं एक फ्लॉपी

मैं एक फ्लॉपी
मैं एक फ्लॉपी कभी
तुम्हारी जान मुझमे बसती थी
मेरे अंदर क्या छुपा है
जानने को आतुर
तुम रहते थे
कुछ निजी तो कुछ कारोबी
राज़ तुम्हारे मैं रखती थी
मैं एक फ्लॉपी कभी
तुम्हारी जान मुझमे बसती थी

Saturday, 14 September 2013

ड़ाकखाने में पड़ा एक बैरंग खत

ड़ाकखाने में पड़ा एक बैरंग खत

ड़ाकखाने में पड़ा एक बैरंग खत
डेड लेटर क्यों कहलाता है?
कभी खुशी  तो कभी गम
कितने भाव वो लाता है
पाने वाला उस पते पर नहीं रहता
तो इस में खत की क्या ग़लती है
भेजने वाला अपना पता लिखना भूल गया तो
खत की क्या यह ग़लती है?
ड़ाकखाने में पड़ा एक बैरंग खत
डेड लेटर क्यों कहलाता है?

Wednesday, 11 September 2013

एक हवा का झोंखा

एक हवा का झोंखा

एक हवा का झोंखा
क्या पैगाम लाता है
कभी बादल तो कभी बारिश
कभी धूल का अंधड़ लाता है
एक हवा का झोंखा
क्या पैगाम लाता है