मैं एक सी.डी
मैं एक सी.डी और मेरी बहिन एक डी. वी. डी
जब से मार्केट में आईं हैं
सुना है तुमने खुशी बहुत मनाई है
हम हैं सुनहरी और रूपहली
जब गोल गोल हम चलतीं हैं
तो कभी जानकारी तो
कभी फिल्में और कभी
गानों की ध्वनि हम से निकलती है
मैं एक फ्लॉपी मैं एक फ्लॉपी कभी तुम्हारी जान मुझमे बसती थी मेरे अंदर क्या छुपा है जानने को आतुर तुम रहते थे कुछ निजी तो कुछ कारोबी राज़ तुम्हारे मैं रखती थी मैं एक फ्लॉपी कभी तुम्हारी जान मुझमे बसती थी
ड़ाकखाने में पड़ा एक बैरंग खत
डेड लेटर क्यों कहलाता है?
कभी खुशी तो कभी गम
कितने भाव वो लाता है
पाने वाला उस पते पर नहीं रहता
तो इस में खत की क्या ग़लती है
भेजने वाला अपना पता लिखना भूल गया तो
खत की क्या यह ग़लती है?
ड़ाकखाने में पड़ा एक बैरंग खत
डेड लेटर क्यों कहलाता है?